
उत्तरी अटलांटिक महासागर में वेनेजुएला से आ रहे रूसी तेल टैंकर ‘Marinera’ पर अमेरिकी सैन्य बलों के कब्ज़े के बाद US–Russia tensions अपने चरम पर पहुंच गई हैं।
मॉस्को ने इस कार्रवाई को “open sea robbery” करार देते हुए अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि टैंकर पर मौजूद रूसी नागरिकों के साथ मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए और उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी में कोई बाधा न डाली जाए।
UNCLOS का हवाला, Russia की सख्त चेतावनी
रूसी परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, सुबह करीब 7 बजे अमेरिकी बलों के जहाज पर चढ़ने के बाद से टैंकर से संपर्क टूट गया। मंत्रालय ने 1982 United Nations Convention on the Law of the Sea (UNCLOS) का हवाला देते हुए कहा, “किसी देश को खुले समंदर में दूसरे देश के पंजीकृत जहाज के खिलाफ बल प्रयोग का अधिकार नहीं है।”
रूसी संसद के वरिष्ठ नेता Andrey Klishas ने इसे “समंदर में खुली लूट” बताते हुए चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाइयाँ global maritime security के लिए खतरनाक मिसाल बन सकती हैं।
White House का जवाब: Sanctions First, Strategy Long-Term
व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला की अंतरिम सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और विदेश मंत्री Marco Rubio वहां के अधिकारियों से संवाद कर रहे हैं।
अमेरिका का दावा है सभी sanctions strictly लागू किए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो ship crew को US लाया जा सकता है। फिलहाल US troops Venezuela में तैनात नहीं, लेकिन राष्ट्रपति के पास military option open है। स्पष्ट संकेत है कि अमेरिका Venezuela’s oil sector और energy security पर लंबी रणनीति बना रहा है।
Operation Details: Tracking, Disguise और UK की भूमिका
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह ऑपरेशन overnight नहीं, बल्कि हफ्तों की tracking के बाद अंजाम दिया गया।

ऑपरेशन की इनसाइड स्टोरी:
टैंकर ने पहले US blockade को चकमा दिया। पहचान बदलकर (identity switch) यात्रा की। इलाके में Russian submarine और warships तैनात थे। इसके बावजूद ऑपरेशन execute किया गया। इस मिशन में Britain की अहम भूमिका रही- UK ने अपनी land और airbases लॉन्चपैड के रूप में दिए। Royal Air Force ने surveillance किया। US forces को real-time intelligence उपलब्ध कराई।
Global Impact: कानून बनाम ताकत
यह घटना केवल एक टैंकर की नहीं, बल्कि rules-based order बनाम power-based order की टक्कर है।
अगर UNCLOS को नजरअंदाज किया गया, तो Global shipping routes असुरक्षित। Energy trade पर असर। छोटे देशों के लिए बड़ा जोखिम।
Trump-Style Geopolitics
दुनिया कहती है— “International Law follow होना चाहिए” और Washington जवाब देता है— “Law ठीक है, लेकिन Oil ज्यादा जरूरी है!”
आज के दौर में लगता है, Map से पहले Radar देखा जाता है, और Treaty से पहले Tanker।
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